मुहर्रम पर्व शांति एवं सौहार्द के साथ हुआ सम्पन्न

मुहर्रम पर्व शांति एवं सौहार्द के साथ हुआ सम्पन्न

इमाम हुसैन के शहादत को गमगीन आंसू से दी गई विदाई

सामाजिक समरसता का उदाहरण हैं बरही, मुस्लिम धर्मावलंबियों के साथ-साथ हिन्दू भाई भी उठाते हैं ताजियां

Barhi Live : Anuj yadav

मुहर्रम पर्व बरही में शांति व सौहार्द के साथ सम्पन्न हुआ। आज के दिन ही हजरत हुसैन शहीद हुए थे। उनके शहीद की याद में मुहर्रम पर्व मनाया जाता है। हजरत हुसैन शहीद होकर यजीद के नपाक इरादे को बर्बाद कर दिया था और इंसानियत के परचम को ऊँचा रखा था। हजरत हुसैन की शहादत को गमगीन याद में लोगो ने आंसू भरे विदाई दिया, साथ ही उनके कष्ट भरे जीवन को अपने मूलरूप में अनुभव करते हुए और इमाम के घोड़े के रूप में पैकवाहा बनकर सारे नगर में बने इमाम के चौके में झूमते नजर आयें। हजरत इमाम हुसैन की शहादत के अवसर बरही प्रखंड के विभिन्न पंचायतो के लगभग दर्जनों अखाड़े और उनके खिलाड़ी अपना खेल का प्रदर्शन किये। प्रदर्शनकारी क्लबों ने अनेको किस्म की मिसाइल बनाकर प्रदर्शन किया।

इसे देखने के लिए काफी संख्या में हर क्षेत्र के लोग भारी तादात में पहुंचकर खेल व झांकी का आनंद उठाया। इस अवसर पर इमाम हुसैन, या अली के नारे की धूम रही। दसवीं के दिन क्लब के सारे झाकियां व ताजिया रोड चौराहे के चारो तरफ घूमकर आकर्षक प्रदर्शन किया। इस पर्व को मुस्लिम हिन्दू मिलकर बड़ी सौहार्द के साथ मानये। जिसको देखकर लोंगो को लगा कि बरही में हिन्दू व मुस्लिम के बीच एकता एक मिसाल है। समाजसेवियों द्वारा पब्लिक सेवा के लिए कई स्थानों पर स्टॉल की व्यवस्था की गई थी।

बरही प्रशासन द्वारा सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। बरही चौक स्थित प्रशासनिक स्तर के पदाधिकारी बैठक कर स्वयं निगरानी कर रहे थे। इसके अलावा विधायक मनोज कुमार यादव स्वयं झांकी में शामिल होकर उनका मनोबल बढ़ाया। मौके पर बरही एसडीओ राजेश्वरनाथ आलोक, एसडीपीओ मनीष कुमार, बीडीओ अरुणा कुमारी, सीओ ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, बरही पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी ललित कुमार मौजूद थे। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता व सद्भावना की टीम ने सफल बनाने में अपनी भूमिका अदा की। रमेश ठाकुर, अब्दुल मनान वारसी, इकबाल रजा, अजय दुबे, रसोइया धमना पूर्व मुखिया अब्दुल जलील, मो तौकीर रजा, मो वारिस अंसारी, मो ताजुद्दीन, रिजवान अली, मो कलीम, मो तबरेज अंसारी, आजाद हुसैन, मो कमाल, जियाउद्दीन, कुंदन कुमार, मनोज रविदास, रवि केशरी, राम कुमार दास, गुलाब दास, दिलीप सिंह, सोनू कुमार पासवान, आसिफ इकबाल, मुस्ताक अंसारी, महताब अंसारी, साजिद अंसारी, कार्तिक पासवान, मो मेराज अंसारी शामिल थे। बताते चलें कि गांगुली निषाद, हरि निषाद, मुकेश निषाद, चन्द्र निषाद, मोती निषाद, उदय निषाद, राजू निषाद, अनन्त पासवान भी मल्लाहटोली में तजियां उठाकर सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। वें लोग लगभग कई वर्षों से तजियां उठा रहे हैं।

वे लोगों का मानना हैं कि मल्लाह टोली में हिन्दू-मुस्लिम भाई आपस में मिलकर गंगा-जमुना के तहजीब को प्रस्तुत करते हैं। न केवल मुसलमान, बल्कि बड़ी तादात में हिंदू भी इमाम के रोजे की ताजिया बनाते हैं। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर बरही के इलाकों में कई हिंदू घरों में ताजिया बनाने का काम होता है।

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