मुख्यमंत्री ने 2500 करोड की लागत से बनी कोनार सिंचाई परियोजना का किया आॅनलाइन उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने 2500 करोड की लागत से बनी कोनार सिंचाई परियोजना का किया आॅनलाइन उद्घाटन

कोनार सिंचाई परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन करते मुख्यमंत्री रघुवर दास

72 करोड़ का प्रोजेक्ट 2500 करोड़ में पूरा हुआ, 85 गांवों में 62896 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी

Barhi Live : Hazaribag

झारखंड की महत्वाकांक्षी कोनार सिंचाई परियोजना का बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विष्णुगढ़ के बिल्हनडी में ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोनार सिंचाई परियोजना पिछले 42 साल से अधर में थी। 2014 के बाद योजना पर काम शुरू हुआ और 5 साल में पूरा कर दिया गया। कोनार सिंचाई परियोजना से हजारीबाग के विष्णुगढ़ प्रखंड के 20 गांव, गिरिडीह के डुमरी और बगोदर प्रखंड के 62 गांव और बोकारो के नावाडीह प्रखंड के 3 गांवों के किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

साढ़े चार साल में हमारी सरकार ने 12 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि तक पहुंचाया पानी: रघुवर दास
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले तक झारखंड में सिर्फ 4 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का पानी मिलता था। सिर्फ साढ़े चार साल में हमारी सरकार ने 12 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि तक सिंचाई का पानी पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षा जल संचय के लिए जल शक्ति अभियान की शुरुआत की है। झारखण्ड भी इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। आप सभी से अपील है कि पानी संचय करें। हमें अपने खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में, शहर का पानी शहर में रोकने की जरुरत है। झारखंड के किसानों को हर तरह की मदद हमारी सरकार उपलब्ध करा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 35 लाख किसानों को 5000 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं ताकि वो फसल से पहले बीज, खाद या कृषि की अन्य जरुरतों को पूरा कर सकें। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन भी करना चाहिए। हमारी सरकार 90 फीसदी अनुदान पर गाय का वितरण कर रही है। इस योजना का लाभ उठाएं। आमदनी भी होगी और दूध खरीदने पर हो रहा खर्च भी बचेगा।

1978 में रखी गई थी प्रोजेक्ट की आधारशिला

इस परियोजना की 1978 सितंबर में बिहार के तत्कालीन राज्यपाल जगन्नाथ कौशल ने प्राेजेक्ट की आधारशिला रखी थी। बड़े तामझाम से काम की शुरुआत हुई। पांच साल में परियाेजना काे पूरी करनी थी, लेकिन विभागीय उदासीनता और ठेकेदाराें की लापरवाही के कारण लंबा इंतजार करना पड़ा। उस वक्त प्राेजेक्ट की राशि 12 कराेड़ रुपए थी। 41 सालाें में लागत 208 गुना बढ़कर 2500 करोड़ हो गई।

नहर में 29 से छोड़ा जाएगा 800 क्यूसेक पानी
कार्यपालक अभियंता अभिषेक मिंज ने कहा कि वर्तमान में कोनार टनल में पानी छोड़े जाने के बाद 26 गांवाें के 3401.365 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। नहर की कुल लंबाई 404.1782 किलोमीटर है। 28 अगस्त काे उद्घाटन के बाद 29 अगस्त से इसमें निरंतर 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। नहर में 1700 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का लक्ष्य है।

राज्य के तीन जिलाें में इन गांवाें काे हाेगा लाभ 

  • हजारीबाग के विष्णुगढ़ प्रखंड में 20 गांव :मायापुर, चौथा, अलपिटो, लेदी, सिमरिया, गुन्डरो, अचलजामो, बलकमक्का, मंगरो, चटनियां, सलमंगरा, उच्चाघाना, बंदखारो, खरक्टो, चटकरी, मडमो, चिरूडीह, अलगडीहा, जोवर व खरकी।
  • गिरिडीह के डुमरी प्रखंड में 31 गांव :डुमरी, बेलडीह, चितरामो, कुल्ही, पारगो, तिलैया, जमुनियां, पाथलडीह, खटिया, घुसको, कुसमरजा, खट्टा, कपिलो, चिरूआं, गोविंदपुर, कुसमाडीह, बलियारी, नावाडीह, नावाडीह, उलीबार, अंधारी, भावानंद, जरीडीह, फतेहपुर, फरसा बेड़ा, गोसाईं तिलैया, अंम्बाडीह, कोलहुवा, बेहरसुडीह आदि।
  • गिरिडीह के बगोदर प्रखंड में 31 गांवछोला बार, जमुआरी, अरवारा, गौडा, हसला, घाघरा, जरमुने, अटकाडीह, टुकटुको, लुकईया, बेलगाई, अखिना, मुनरो, गम्हरिया, धरगुल्ली, अम्बाडीह, डूंडलो, मंडरामो, देवरा डीह, बडक़ी सरिया, खम्बरा, बनपुरा, तिरला, डोरियो, औरा, पोहरी, घंघरी, तारानारी, खेतको, दामा, तारानारी व बगोदर।
  • नावाडीह (बोकारो): मूंगा रंगा, महुआटांड़ और पेक की खेत सिंचित होगी।

 

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