झारखंड में आतंक बना ओंडो मारा गया, आपसी प्रतिद्वंदिता में माओवादियों ने ही गोलियों से भून डाला झारखंड में आतंक बना ओंडो मारा गया, आपसी प्रतिद्वंदिता में माओवादियों ने ही गोलियों से भून डा

झारखंड में आतंक बना ओंडो मारा गया, आपसी प्रतिद्वंदिता में माओवादियों ने ही गोलियों से भून डाला झारखंड में आतंक बना ओंडो मारा गया, आपसी प्रतिद्वंदिता में माओवादियों ने ही गोलियों से भून डा

 

Barhi live : sonu pandit   झारखंड में खूंटी के सोयको थाना क्षेत्र में आतंक बना भाकपा माओवादी सदस्य हरि सिंह मुंडा उर्फ ओंडो मारा गया। सोयको थाना क्षेत्र के कोलमे-जिलंगकेला पथ पर कोलमे से लगभग 300 मीटर दूर कच्ची सड़क पर माओवादियों ने तीन गोली मारकर ओंडो की हत्या कर डाली। घटनास्थल से पुलिस ने गोली के तीन खोखे भी बरामद किये हैं। घटना मंगलवार रात की है।

बुधवार सुबह एएसपी रमेश कुमार, एसडीपीओ आशिष कुमार महली, एसएसबी के पंडित नीरज कुमार मिश्रा, सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर राधेश्याम दास समेत एसएसबी और जिला बल के जवानों ने घटनास्थल पर पहुंचकर ओंडो का शव बरामद किया। पुलिस ने मृतक ओंडो के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दी है। ओंडो के मारे जाने के बाद सोयको इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है।

माओवादियों की आपसी प्रतिद्वंदिता में ओंडो की हुई हत्या : एसपी 
अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि मारा गया माओवादी हरि सिंह मुंडा उर्फ ओंडो आत्मसमर्पण कर चुके बोयदा पाहन के गुट का था। एसपी ने कहा कि इन दिनों खूंटी जिले में माओवादियों के बीच आपसी प्रतिद्वंदिता की लड़ाई चल रही है।

इसी क्रम में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण ओंडो की हत्या माओवादियों ने कर दी है। एसपी ने बताया कि पहले किसी अज्ञात स्थान से माओवादियों ने ओंडो के हाथ पैर बांध कर उसका अपहरण किया। जिसके बाद कोलमे-जिलिंगकेला बीच सड़क पर लाकर उसे तीन गोलियां मारकर हत्या कर डाली। एसपी ने कहा कि ओंडो की हत्या देसी कट्टा से की गई है।

हत्या, दुष्कर्म और नक्सली कांडों में संलिप्तता के कुल 13 मामले दर्ज हैं ओंडो के खिलाफ 
सोयको थाना क्षेत्र के बाड़ी गांव निवासी हरि सिंह मुंडा उर्फ ओंडो के खिलाफ सोयको, अड़की, मुरहू और खूंटी थाने में कुल 13 मामले दर्ज हैं। ये मामले हत्या, दुष्कर्म, नक्सल कांडों से जुड़े हैं। ग्रामीणों की माने तो उसके कारण क्षेत्र की बेटियां भी असुरक्षित हो चुकीं थीं। हर किसी में भय का माहौल कायम कर रखा था ओंडो ने। यही कारण है कि पुलिस के साथ जनता भी उसकी तलास कर रही थी। उसकी तलास में पुलिस जोर-शोर से जुटी थी। वहीं दुसरी ओर वह भाकपा माओवादी और क्षेत्र की जनता भी ओंडो की तलास में थी।

इन लोंगों की हत्या कर चुका था ओंडो 
20 जून को अड़की के चाड़ाडीह में जेसीबी चालक दीपक कुमार की हत्या, 29 दिसंबर 2019 को सिंगीपीड़ी जंगल में अज्ञात व्यक्ति की पत्थर से कुचकर हत्या, आठ जून को बाड़ी गांव के कांडे मुंडा की हत्या, 17 अगस्त को बारूपीड़ी गांव के नियारण पुर्ती की हत्या, चार अक्तूबर को ओतोंगओड़ा गांव के ग्रामप्रधान तथा चुटिया पुर्ती पड़हा के अध्यक्ष पौलुस मुंडा की हत्या, 10 अक्तूबर को बारूपीड़ी गांव के संजय पुर्ती की बलंगा रोड में तेजधार हथियार से काटकर हत्या, आठ नवंबर को तिलमा गांव निवासी रंथु महतो उर्फ टाईगर की हत्या, 03 सितंबर 2019 को जिकिलता मैदान में बोहोंडा पंचायत के अनुरंजन समद की हत्या की घटनाओं को ओंडो ने अंजाम दिया था। इसके अलावा सोयको थाने में ओंडो के खिलाफ माओवादी गतिविधि में शामिल रहने, खटंगा में अफीम को लेकर बिरसा मुंडू के घर के सामने गोली-बारी करने के मामले ओंडो के खिलाफ दर्ज हैं।

कहीं टाईगर के मौत का बदला तो नहीं 
क्षेत्र में इस बात की चर्चा भी है कि पिछले दिनों लेवी के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के कारण ओंडो ने अपने ही साथी तिलमा गांव के रंथु महतो उर्फ टाईगर की हत्या कर दी थी। सूत्रों की माने तो ओंडो के हाथों मारे गए टाईगर के कुछ अपने लोग भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्य हैं। जिन्होंने टाईगर की हत्या के बाद ओंडो से बदला लेने की ठान ली थी। यही कारण है कि माओवादियों ने ओंडो का अपहरण करने के बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

 

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