केंद्र सरकार के द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर की गई अप्रत्याशित वृद्धि ने किसान, मजदूर व वाहन मालिकों का तोड़ा हैं कमर

केंद्र सरकार के द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर की गई अप्रत्याशित वृद्धि ने किसान, मजदूर व वाहन मालिकों का तोड़ा हैं कमर

केंद्र सरकार के द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर की गई अप्रत्याशित वृद्धि ने किसान, मजदूर व वाहन मालिकों का तोड़ा हैं कमर

Barhi live : Sonu pandit  कांग्रेस हजारीबाग जिला उपाध्यक्ष सह मीडिया सेल के प्रभारी डॉ निजामुद्दीन अंसारी ने प्रेस बयान जारी कर बताया हैं कि पेट्रोल डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के कारण आज समाज का हर तबका खासकर युवा एवं मध्यम वर्ग किसान, मजदूर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से अपने को असहाय महसूस कर रहा है।

अब लोग इस बात से अवगत हो चुके हैं कि केंद्र सरकार के द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों पर प्रतिदिन लगाया गया उत्पाद कर मूल्य वृद्धि के कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के कच्चे तेल की कीमत कम होती है, तब भी केंद्र सरकार टैक्स बढ़ाकर इनकी कीमतें कम होने से रोक देती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ पेट्रोलियम पदार्थों पर देश के आर्थिक ढांचे को सुधारने का उपाय ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि यदि इसी तरह तेल के दामों में वृद्धि होती गई तो भारत की जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता जाएगा।

डॉ अंसारी ने सरकार से पूछा हैं कि क्या कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम कम होने के बावजूद देश में तेल का दाम प्रतिदिन बढ़ रहा है। पहले केंद्र सरकार ने तुगलकी फरमान के तहत देश में नोटबंदी करके आम जनता का कमर तोड़ दिया है, उसके बाद व्यापारियों को जीएसटी लगाकर उनका बिजनेस चौपट कर दिया।

कोरोना काल में तुगलकी फरमान के तहत छह महीने तक लॉकडाउन करके देश का आर्थिक कमर तोड़ने का काम किया हैं। अब अपनी गलतियों को सुधारने के लिए इन्होंने सिर्फ पेट्रोलियम पदार्थों के दाम को प्रतिदिन बढ़ा रहे हैं। एक बार फिर पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से जहां गैस के दाम बढ़ गए, वही पेट्रोल 100 रुपये पार हो गया है।

डीजल भी 100 के करीब पहुंच चुका है। इससे यातायात का खर्च बढ़ेगा और छोटी-छोटी वस्तुओं का दाम भी अनावश्यक रूप से बढ़ेगी। एक समय था कि जब यही बीजेपी के लोग 345 रुपये सिलेंडर होने पर गैस के सिलेंडर लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आज कई पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं। छोटे-छोटे सभी उद्योग धंधे बंद पड़े हुए हैं।

नौजवान बेकार और बेरोजगार हो रहे हैं। पढ़े-लिखे इंजीनियर, डॉक्टर तक बेरोजगार हो चुके हैं, वैसी स्थिति में सरकार को चाहिए कि जो टैक्स तेल पर लगाया गया है इसे खत्म किया जाए, ताकि लोगों का जीवन में खुशहाली आ सके। डॉ निजामुद्दीन अंसारी ने कहा कि अभी 258 प्रतिशत पेट्रोल का दाम बढ़े हैं और 220 परसेंट डीजल का दाम बढ़ा है और यह सिर्फ 6 वर्षों की सरकार में मोदी जी ने कमाल किया है।

केंद्र सरकार को बताना चाहिए की उनके पास तेल के दामों में वृद्धि के सिवा क्या कोई रास्ता नहीं बचा है। जिससे देश का आर्थिक ढांचा को सुधार किया जा सके। प्रतिदिन सरकारी कंपनियां, दूरसंचार, रेलवे, जीवन बीमा, हवाई अड्डा एवं नवरत्न कंपनियों को बेचने का काम बीजेपी की सरकार कर रही है।

कोई इंफ्रास्ट्रक्चर देश में बीजेपी के 7 वर्षों के शासन काल में खड़ा नहीं किया गया। कोई उद्योग धंधा स्थापित नहीं हुआ, दो करोड़ प्रत्येक साल नौकरियों का वादा ढाक के तीन पात हो गया। हर व्यक्ति के अकाउंट में विदेशों से काला धन लाकर 15 लाख देने का वादा भी झूठा साबित हुआ।

डॉ निजामुद्दीन अंसारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार अविलंब बढ़े हुए तेल के दाम को कम नहीं करती है तो कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन के लिए मजबूर होगी।

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