डैम के पहले पानी में ही टूट गई विष्णुगढ़ की 2100 करोड़ की कोनार नहर

डैम के पहले पानी में ही टूट गई विष्णुगढ़ की 2100 करोड़ की कोनार नहर

खुशहाली की जगह शुरुआत में ही किसानों को दर्द दे गई कोनार सिंचाई परियोजना

उद्घाटन के महज 11 घंटे बाद भ्रष्टाचार की खुली पोल

बरही लाइव 

कोनार डैम के पहले ही पानी को ही विष्णुगढ़ की कोनार नहर बर्दाश्त नहीं कर पायी और बगोदर के पास दम तोड़ दी। कोनार नहर 103 किमी लंबी और 2150 करोड़ की राशि से बनी महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना है। बुधवार की दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने लाव लश्कर के साथ कोनार नहर परियोजना का उद्घाटन किया था। फिर नहर में पहला पानी छोड़ा गया और बगोदर के पास किनारा तोड़ते हुए विष्णुगढ़-बगोदर के कई गांवों की फसलों को पानी ने अपनी चपेट में ले लिया। नहर टूट गई। कई गांव डूब गए, फसलें बर्बाद हो गई। पानी हरियाली और खुशहाली की जगह खून के आंसू रूला गई।

बगोदर-विष्णुगढ़ के तिरला-चिचाकी, खटैया, कुसमरजा, घोसको आदि गांवों के किसान मातम में हैं। उद्घाटन के बाद रात बुधवार की ही मध्यरात्रि करीब 12 बजे नहर टूट गई। इससे खटैया, कुसमरजा,घोसको समेत आस पास के गांव में नहर का पानी फैल गया। मकई, धान और मूंगफली जैसी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।

सुबह नौ बजे तक कोई विभागीय अधिकारी संज्ञान लेने भी नहीं आया था। यहां पर नहर में सिमेंटेट मैउंटिंग नहीं हुआ था। संयोग से यह सुबह में घटना नहीं घटी, नहीं तो जान-माल का भी खतरा भी हो सकता था। फिलहाल आवागमन भी बाधित है। उद्घाटन के महज 12 घंटे में कोनार नहर परियोजना का भ्रष्टाचार स्वतः उजागर हो गया। क्या इसकी जांच नहीं की गई थी कि डैम का कितना पानी नहर वहन करेगी। बगोदर के पास नहर का पानी किनारा तोड़ बगोदर-विष्णुगढ़ के कई गांवों में घुस फसलों को तहस-नहस कर दिया। खुशहाली की जगह किसानों की किस्मत फूट गई। विधानसभा चुनाव की दस्तक से आनन-फानन में बिना जांच के करोड़ों की सिंचाई परियोजना के उद्घाटन पर ही कई सवाल खड़ा कर रहा है।हालांकि प्रशासन के द्वारा युद्ध स्तर पर मरम्म्त करने की बात कही जा रही है।

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