मुख्यमंत्री के इशारे पर बरही समेत पूरे राज्य में हो रहा हैं बालू का अवैध व्यापार : रंजीत चन्द्रवंशी

मुख्यमंत्री के इशारे पर बरही समेत पूरे राज्य में हो रहा हैं बालू का अवैध व्यापार : रंजीत चन्द्रवंशी

मुख्यमंत्री के इशारे पर बरही समेत पूरे राज्य में हो रहा हैं बालू का अवैध व्यापार : रंजीत चन्द्रवंश

एक हजार करोड़ रुपये का अवैध कारोबार में कांग्रेस झामुमो के लोग शामिल

गरीब मजदूरों का बालू से लदा ट्रैक्टर को पकड़ती हैं प्रशासन, बड़े-बड़े उद्योग धंधों को दे रखी हैं छूट

Barhi live : Sonu pandit

बालू के अवैध कारोबार को लेकर भाजपा नेता रंजीत चन्द्रवंशी ने सरकार पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि बरही समेत पूरे राज्य में बालू का अवैध कारोबार फल फूल रहा है।

मुख्यमंत्री के इशारे पर बालू का अवैध कारोबार हो रहा है। इस कारोबार में झामुमो व कांग्रेस के नेतागण शामिल हैं। राज्य सरकार बालू को लेकर कोई ठोस निर्णय नही ले पा रही हैं।

जिसके कारण बरही समेत पूरे राज्य की गरीब जनता परेशान हैं। गरीब मजदूरों के द्वारा ट्रैक्टर से बालू ले जाने पर पुलिस प्रशासन पकड़कर कार्रवाई करती हैं, लेकिन एक ओर पूरे राज्य में बड़े बड़े उद्योगपतियों को खुले तौर पर बालू दिया जा रहा है। राज्य की भोली भाली व गरीब जनता को हेमन्त सोरेन की सरकार धोखा देने का काम कर रही है।

गरीब मजदूरों के ट्रैक्टरों व वाहनों को पकड़कर यह साबित कर रही हैं कि सरकार पूंजीपतियों व उद्योग घरानों के लिए काम कर रही हैं न की आम जनता के लिए।

बालू घाटों का लीज नही होने के कारण न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा हैं बल्कि आम व्यक्तियों को भी परेशानी हो रही है।

बालू घाट की नीलामी पर उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज लोगो को स्थानीय निर्माण के लिये बालू नही मिल पा रहा हैं, पूरे प्रदेश के बालू घाटों से बालू की अबैध तस्करी हो रही हैं। झारखंड में 472 बालू घाट है परंतु मात्र 25 घाटों की ही नीलामी हुई है। राज्य के लोग महंगे कीमत पर बालू खरीद रहे।

उन्होंने मांग किया कि सरकार स्थानीय उपयोग के लिये बालू को मुफ्त करे, साथ ही राज्य की सीमाओं पर चेक पोस्ट बनाकर तस्करी रोके।

उन्होंने कहा कि बालू की लूट में कांग्रेस झामुमो के लोग बराबर के जिम्मेवार है। मुख्यमंत्री के इशारे पर बालू की लूट हो रही। एक साल में एक हजार करोड़ रुपये से ऊपर का अवैध कारोबार हुआ है। सरकार फंड का रोना रो रही है, अगर नीलामी होती तो खजाना भरा जा सकता था।

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