अपनी मांगों को लेकर हज़ारीबाग़ में पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने निकाला न्याय मार्च, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

अपनी मांगों को लेकर हज़ारीबाग़ में पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने निकाला न्याय मार्च, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

हमारी भावनाओ के साथ खेलने वाली सरकार को हम देंगे करारा जबाब: संजय दुबे

बरही लाइव : उषा रानी

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा राज्य इकाई के निर्णय के आलोक में जिला हजारीबाग इकाई द्वारा न्याय मार्च निकाला गया। न्याय मार्च के नेतृत्व जिला कमेटी के जिला सदस्य चंदन मेहता और शंकर प्रसाद एवं संजय दुबे ने किया ।
आंदोलित पारा शिक्षकों ने बताया कि राज्य के पारा शिक्षक पिछले 15 वर्षों से अपनी सेवा स्थायीकरण और वेतनमान की मांग पर आंदोलित है । अपने भविष्य को लेकर सशंकित है। विगत 17 जनवरी 2019 को झारखंड सरकार के साथ पारा शिक्षकों की सेवा स्थायीकरण एवं वेतनमान के लिए 90 दिनों के अंदर समाधान का समझौता किया गया था ।छात्रहित और सरकार के साथ हुए समझौते को देखते हुए राज्यभर के पारा शिक्षकों ने अपने आंदोलन को स्थगित किया था, पर आज 90 दिन बजाए 240 दिन लगभग बीत गए और हमारी समस्याएं यथावत बनी हुई है ।

झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन भी कराया गया अब तक उस कमेटी का कोई रिपोर्ट नहीं आया। राज्य सरकार ने नियमावली और स्थायीकरण को लेकर अन्य राज्यों का भ्रमण का भी हवाला देते हुए हमें छलने का कार्य किया है ।डॉ नीरा यादव के द्वारा कोडरमा में 20/07/2019 को आयोजित पारा शिक्षक जन चौपाल में वेतनमान और नियमावली को लेकर जल्द ही सौगात देने की बात स्वयं शिक्षा मंत्री के द्वारा हम पारा शिक्षकों के बीच संबोधन के क्रम में कही गई थी ।
संजय दुबे ने कहा कि शिक्षकों ने हर समय सरकार की बात को माना एवं छात्र हित को ध्यान में रखकर विद्यालय में पठन-पाठन कार्य किया। वहीं अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। इधर सरकार के नुमाइंदे नियमावली जल्द निर्माण की बात करते हैं वहीं दूसरी ओर शिक्षा सचिव के बयान अलग दिशा की ओर प्रदर्शित करता है ।एक तरफ हम पारा शिक्षक नियमावली का इंतजार कर रहे थे तो दूसरी ओर राज्य के शिक्षा सचिव ने 18 अगस्त 2019 को मीडिया के माध्यम से 2022 के बाद पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी ऐसे में नियमावली की क्या आवश्यकता है के बयान की निंदा करते हुए राज्य भर के पारा शिक्षकों ने मोर्चा के निर्णय के आलोक में आज दिनांक 25/08/ 2019 को मुख्यमंत्री के नाम एक हैंडविल /पर्चा को न्याय मार्च के क्रम में आम जनता के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम जनता को प्रेषित किया गया /बांटा गया । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अगर हमारी भावनाओं के साथ खेलती है / हमें छलने का प्रयास करती है तो निश्चित राज्य के पारा शिक्षक पुनः एक बार शिक्षण व्यवस्था ठप करने की ओर बढ़ेगा एवं उग्र आंदोलन को बाध्य होगा जिसकी सारी जवाबदेही झारखंड सरकार को जाएगी । पारा शिक्षक इस न्याय मार्च माध्यम से सरकार से अपील करती है तय समझौते के अनुरूप वेतनमान और स्थायीकरण हेतु नियमावली लाकर हम पारा शिक्षकों के भविष्य को संवारने का काम करें हम पारा शिक्षक सड़क पर उतर कर आंदोलन करना नहीं चाहते शिक्षक बनना चाहते हैं हमें शिक्षक बनाइए राज्य के 42 लाख गरीब बच्चों के भविष्य निर्माण में लगे हम पारा शिक्षकों का भी भविष्य को संवारने के कार्य करें
आज के न्याय मार्च में एकीकृत मोर्चा के राज्य सदस्य संजय दुबे जी रामगढ़ जिला के अली रजा खान जी अरसदआलम जी सहित जिले के मनोज कुमार ,सुधीर कौशल ,प्रमोद मेहता ,देवनारायण मेहता, प्रदीप कुमार पांडे ,कैलाश मेहता ,अशोक चौधरी ,जितेंद्र मिश्रा ,रमेश प्रजापति, संतोष पासवान ,दीपक मेहता ,प्रभाकर चौधरी ,सीताराम यादव, रामअवतार प्रजापति ,रियाज अंसारी, मनोज घोष, प्रवीण पांडे ,राज कुमार मेहता,फौदी महतो, चांदो साव ,आनंद कुमार, राजेंद्र यादव, संजय यादव ,संजय पंडित, पप्पू यादव ,चंदन ठाकुर, जगजीवन दास ,संजीव सिंह, अशोक दास, अशोक राम, भोला राणा, कमल गुप्ता ,रविंद्र कुमार, अनिता महतो, चंपा मेहता, पुष्पा कुमारी, मनीष ठाकुर ,शशि कुमार वर्मा ,कुमुदिनी कुमारी, ममता देवी, यमुना कुमार, अर्जुन प्रसाद, राम लखन प्रसाद कुशवाहा , सहित जिले भर के हजारों शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित हुए

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