प्रतिबंध के बावजूद गुटखा और पान मसाला की हो रही बिक्री पर जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा प्रतिबंध के बावजूद गुटखा और पान मसाला की हो रही बिक्री पर जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा

प्रतिबंध के बावजूद गुटखा और पान मसाला की हो रही बिक्री पर जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा प्रतिबंध के बावजूद गुटखा और पान मसाला की हो रही बिक्री पर जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा

 

Barhi live : sonu pandit

प्रतिबंध के बावजूद गुटखा और पान मसाला की बिक्री होने पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नाराजगी जाहिर की और सरकार को धरातल पर काम करने का सुझाव दिया। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने टिप्पणी की सरकार सिर्फ कागजों में ही इनकी बिक्री बंद की है, जबकि हर स्थान पर यह आसानी से उपलब्ध है। सरकार ने आदेश जारी कर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली है,लेकिन इसका पालन करने के लिए धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस नियम का लागू कराने की जिस पर जिम्मेवारी है वह कुछ नहीं कर रहे। इस कारण खुले आम प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू बिक रहे है। लोग इसका सेवन कर बीमार हो रहे हैं। सरकार ने जिस उद्देश्य से इस पर रोक लगायी है वह पूरा नहीं हो रहा है।

अदालत ने सरकार को नौ अक्तूबर तक शपथपत्र के माध्यम से पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सरकार को यह बताना होगा कि बिक्री पर रोक लगाने के लिए सरकार ने क्या रोड मैप तैयार किया है। इसके लिए कार्ययोजना क्या बनी है। किस किस स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। इसकी पूरी जानकारी देने का निर्देश अदालत ने दिया।

इस संबंध में फरियाद फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने वर्ष 2018 में ही सरकार ने गुटखा पर रोक लगायी है लेकिन अभी भी गुटखा की बिक्री खुले आम हो रही है। सरकार इस पर रोक लगाने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। इस कारण लोग कई बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।

सरकार की ओर से बताया गया कि गुटखा और तंबाकू पर प्रतिबंध वर्ष 2018 में ही लगाया गया है और इसकी अवधि बढ़ाकर वर्ष 2021 तक कर दी गयी है। सरकार ने इसके उत्पादन,सेवन और बिक्री तीनो पर रोक लगायी है और इसकी बिक्री नहीं होने दी जा रही है।

कोर्ट ने कहा- अभी गुटखा मंगा कर दिखा देते हैं : सरकार वकील  की ओर से जब  बताया गया कि गुटखा की बिक्री पर पूर्णत: रोक लगा दी गयी है, तो अदालत ने कहा कि रोक तो कागज में है ही। क्या जमीनी स्तर पर इसकी जांच की जाती है। यदि आप कहें तो हम किसी को भेज कर गुटखा मंगा कर दिखा देते हैं।

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