रॉयल ऑर्चिड इंटरनेशनल स्कूल से फरार हुए दोनो बच्चे मुजफ्फरनगर , यूपी से बरामद,

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गायब हुए बच्चे के साथ उनके परिजन एवं मिथलेश सिंह

पुलिस के सहयोग से विद्यालय प्रबंधन ने खोज निकाला, परिजनो द्वारा लगाए गए आरोप हुए झुठे साबित

बरही लाइव : कृष्णा प्रजापति 

पिछले 22 नवंबर को रसोइया धमना चकुरटाण्ड में संचालित रॉयल आर्किड इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल से गायब हुए दोनों बच्चे सूरज एवं सोनू को विद्यालय प्रबंधन ने बरही पुलिस के सहयोग से खोज निकाला है । पुलिस निरीक्षक ललित कुमार के निर्देशन में की गई छापेमारी में दोनों बच्चों को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश से बरामद किया गया है। जैसा कि बच्चों ने बताया कि दोनों बच्चे अपनी मर्जी से हॉस्टल से निकले थे और कोडरमा रेलवे स्टेशन पहुंचकर यूपी के लिए रवाना हुए थे। उन्हीं दोनों बच्चों में एक के द्वारा सोनू के घर में फोन करने के बाद उन्हीं के मोबाइल नंबर के ट्रेस लोकेशन के आधार पर बच्चों को बरामद किया गया है। दोनों बच्चों को फिलहाल बरही लाया जा रहा है। दोनों बच्चों को खोज निकालने में विद्यालय के निदेशक मिथिलेश सिंह , संजय रविदास आशुतोष कुमार सिंह एवं पुलिस विभाग से एसडीपीओ मनीष कुमार, इंस्पेक्टर ललित कुमार अहम योगदान रही है।

बताते चले कि 22 नवंबर के रात्रि लगभग साढे 10 एवं 11 के बीच दोनो बच्चे स्कूल के बाॅण्ड्री फांद कर पैदल ही फारार हो गए थे। जबकि परिजनो ने विद्यालय प्रबंधन पर गायब करने, बेच देने जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। इतना ही नही कुछ दिन पहले गायब हुए दोनो बच्चे के परिजन एवं उनके सहयोगी स्कूल पर धावा बोल जमकर हंगामा भी किया था, बिना यह जाने की विद्यालय प्रबंधन का इसमें कोई दोष है या नही। आरोप लगाया कि बच्चों को खोजने में प्रबंधन ध्यान नही दे रहा है। जबकि सच्चाई यह थी कि प्रबंधन दोनो बच्चों को पता लगाने के लिए लगातार प्रयासरत रहा।

पुलिस भी अपने स्तर से सहयोग करती रही। एसडीपीओ मनीष कुमार खुद माॅनिटरींग करते रहे। विद्यालय प्रबंधन ने बरही के कई होटलो में लगे सीसीटीवी कैमरा खंगाला जिसमें पता चला कि बच्चे पैदल ही बरही की ओर निकले हैं। उसके बाद कोडरमा रेलवे स्टेशन में लगी सीसीटीवी कैमरा के आधार पर ही पता चला कि बच्चे कोडरमा स्टेशन से निकले हैं। उसके बाद लगातार दोनो बच्चों को डिडेक्ट किया जाता रहा। अततः सफलता हाथ लगी। विद्यालय प्रबंधन की प्रयास सफल रही। दोनो बच्चों को वापस बरही लाया जा रहा है। तब पूरी जानकारी मिल पाएगी। विद्यालय के निदेशक मिथलेश सिंह, बच्चों के पिता के साथ सडक मार्ग से ही यूपी के लिए रवाना हुए थे। चालक मो इस्लाम ने लगातार 1000 किमी तक गाडी चालाया और सफलता प्राप्त करने में सहयोग किया।