सुभाष चंद्र बोस का पराक्रम सदैव विद्यार्थियों को पराक्रमी बनने की प्रेरणा देता रहेगा : प्राचार्य एके सिंह

सुभाष चंद्र बोस का पराक्रम सदैव विद्यार्थियों को पराक्रमी बनने की प्रेरणा देता रहेगा : प्राचार्य एके सिंह

सुभाष चंद्र बोस का पराक्रम सदैव विद्यार्थियों को पराक्रमी बनने की प्रेरणा देता रहेगा : प्राचार्य एके सिंह

Barhi live :  Sonu pandit   डी ए वी पब्लिक स्कूल बरही के प्रांगण में सुभाष चंद्र बोस की 124 वी जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोचार, दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के द्वारा हुई। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए संगीत शिक्षक दीपक कुमार ने ‘उठ जाग मुसाफिर भोर भई’ भजन के द्वारा सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंच का संचालन करते हुए राजेश कुमार सिन्हा ने सुभाष चंद्र बोस की जीवनी को विस्तार से बताया।अंग्रेजी शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस का जीवन हिंदू धर्म और हिंदू दर्शन के विचारों को पूरी दुनिया में फैलाने का कार्य किया।

उनका पूरा जीवन निर्भीकता से परिपूर्ण था, वे सदा कहते थे कि हमें अपने जीवन में निडर बन कर अपनी समस्याओं का सामना करना चाहिए।

अमित चतुर्वेदी ने भजन ‘भगवान तेरे चरणों में’, निर्मल प्रसाद ने सुभाष चंद्र बोस के बारे में बताते हुए कहा कि किस प्रकार गांधी जी से वैचारिक मतभेद होने पर उन्होंने कांग्रेस का त्याग कर फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी।

संस्कृत शिक्षक विजय कुमार ने ओजस्वी भाषण देते हुए कहा कि सुभाष का पूरा जीवन देश को समर्पित था और उन्होंने पूरे भारत को स्वतंत्र करने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किया।

डीएवी पब्लिक स्कूल बरही के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने महापुरुषों के जीवन का सच्चे हृदय से अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र बोस बचपन से ही मेधावी, निडर ,निर्भीक और स्वतंत्रता प्रेमी थे।

सुभाष चंद्र बोस ने कैप्टन मोहन सिंह के द्वारा स्थापित इंडियन नेशनल आर्मी की बागडोर संभाल कर जापान और जर्मनी की सहायता से भारत को आजाद करने का प्रयास किया ।

उनका दिया हुआ नारा “दिल्ली चलो “, “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा”, और “जय हिंद” स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सभी स्वतंत्रता सेनानियों के होठों पर सदा विद्यमान रहता था। सुभाष चंद्र बोस पूरे भारत को आध्यात्मिक विचार और वैज्ञानिक सोच के साथ सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते थे।

प्राचार्य महोदय ने कहा कि आज इस बात की बेहद आवश्यकता है कि हम विद्यार्थियों को प्रेरित करें कि महापुरुषों के जीवन को सत प्रतिशत अपनाकर उनके दिखाएं रास्ते पर चलकर अपने देश और समाज की प्रगति के लिए सदैव तत्पर रहें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक नरसिंह शर्मा, रेखा सिंह, रमेश कुमार, दीपक शरण, मंटू कुमार गोप, मिथिलेश कुमार, अनिल कुमार ,लल्लन यादव, सुशील सिंह, यूके राणा, ममता सिंह, मुन्नी कुमारी, आदि की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

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