पांडेयबारा सहित चौपारण में शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का धूमधाम से किया गया पूजा-अर्चना

पांडेयबारा सहित चौपारण में शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का धूमधाम से किया गया पूजा-अर्चना

मंदिर में चैय परगना के तीन जिले से बढ़ई समाज सहित अत्यंत पिछड़ी जाति के लोगो का हुआ जुटान

Barhi Live : Harendra Rana

आरापगार पांडेयबारा सहित पूरे चौपारण प्रखंड में शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का पूजा-अर्चना मंगलवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। बता दे कि आरापगार पांडेयबारा राष्ट्रीय राजमार्ग 2 के किनारे आजादी पूर्व स्थापित विश्वकर्मा मंदिर में चैय परगना के तीन जिलों के लोगो के वर्षों से आस्था का केंद्र बना रहा है। मंदिर के प्रति अटूट आस्था के कारण ही आज तक हजारों से अधिक जोड़े इस मंदिर को साक्षी मानकर विवाह बंधन में बंध सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। विश्वकर्मा पूजा के दिन तीन जिला हजारीबाग, चतरा एवं कोडरमा प्रखंड के सैकड़ो विश्वकर्मा समाज के साथ-साथ अत्यंत पिछड़ी जाति के लोग एकत्रित होकर धूमधाम से शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजा अर्चना किया। उक्त जानकारी समाजपति फौदी भगतिया, विश्वकर्मा समाज अध्यक्ष मिथिलेश्वर प्रसाद राणा, सचिव डोमन राणा, कोषाध्यक्ष भीखन मिस्त्री, शत्रुध्न राणा, लालजी राणा, राजेंद्र राणा, प्रभु राणा, केदार राणा, महेंद्र राणा, दयानंद राणा, निर्भय राणा, रामलखन राणा, भोला राणा, जगरनाथ राणा, प्रो कैलाश राणा, विनोद शर्मा, कामदेव राणा, बचु राणा, मनोज राणा, विजय राणा, अवध राणा, बीरेंद्र राणा, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रामसेवक राणा, मुकेश राणा, अमीन बृजु राणा, शंकर राणा सहित अन्य समाज के लोगों दिया। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण देश की आजादी से पहले 1942 ई में ग्राम गरवा ननकू राणा, मंझौलीया छटू राणा एवं विश्वकर्मा समाज के लोगो ने रामलखन सिंह से 3 एकड़ जमीन भूदान लेकर एवं आर्थिक मदद कर शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का मंदिर का निर्माण करवाया गया था। विश्वकर्मा मंदिर के अलावा परिसर में शिव मंदिर, विद्या के मंदिर के रूप में विश्वकर्मा उच्च विद्यालय संचालित है। मंदिर की शोभा मंदिर के आगे पेड़-पौधे और तालाब बढ़ाता है। मंदिर अपने आप में सुंदर वास्तुकला का स्वामी है। इसके गोल गुम्बद की मोहकता अनूठे कारीगिरी का सबूत पेश करता है। बढ़ई समाज के अलावा कई लोगों ने पारंपरिक सांस्कृतिक कीर्तन-भजन कार्यक्रम कर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

हमारे समाज का धरोहर है विश्वकर्मा मंदिर : मिथिलेश्वर

चैय विश्वकर्मा समाज अध्यक्ष मिथिलेश्वर प्रसाद राणा ने बताया कि हमारे समाज के लिए मंदिर एक धरोहर है। हमारे पूर्वजो ने इसे खून-पसीने से सींच कर गढ़ा है। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वकर्मा के दरबार में जो भी पूजा-अर्चना किया है, उनकी इच्छा पूरी हुई है। साथ ही कहा कि सालों भर शुभ मुहूर्त में शादी-विवाह, वाहनों की पूजा सहित शुभ कार्य का शुभारंभ मंदिर में पूजा-अर्चना कर करते है।
विश्वकर्मा पूजा के दिन समाज के लोगो का उमड़ा भीड़
विश्कर्मा पूजा 17 सितंबर के दिन बढ़ई समाज के लिए सभी त्योहारों से अलग स्थान रखता है। पूजा के दिन चैय परागना अंतर्गत चौपारण, बरही, मयूरहंड, इटखोरी, गिधौर, बरकट्ठा, चलकुसा, चंदवारा के बढ़ई समाज के लोग जमा होकर मंदिर में धूमधाम से विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरण के उपरांत समाज के उत्थान पर विचार-विमर्श किया। समाज के लोग बड़े ही उत्सुकता पूर्वक बाबा विश्वकर्मा का पूजन कर सुखमय जीवन की कामना किये।
अत्यंत पिछड़ी जाति के अलावा युवा हुए शामिल : शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा मंदिर में बढ़ई समाज के सैकड़ो लोगों के अलावा अत्यंत पिछड़ी जाति एवं युवा नेताओं ने उपस्थित होकर पूजा-अर्चना किये। पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के विकास का कामना भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील साहू, बसपा बरही विस प्रभारी सह अधिवक्ता अरविंद यादव, युवा समाजसेवी सह श्रीदास पब्लिक स्कूल के संस्थापक रंजीत चंद्रवंश, अनुमंडल पत्रकार एकता मंच अध्यक्ष कृष्णा प्रजापति, युवा नेता पप्पू चंद्रवंशी, भाजपा नेता राजेंद्र चंद्रवंशी, मुन्ना प्रसाद, युवा नेता अर्जुन गिरी, शशि यादव, बबलू यादव, नीकु कुमार, दीपक कुमार, प्रवीण कुमार, रोहित यादव, सुबोध कुमार, द्वारिका यादव, दिलीप कुमार सहित कई लोग शामिल थे।

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