युवाओं का तेजी से साइबर अपराध के ओर हो रहा झुकाव है चिंता का विषय : अकाश

युवाओं का तेजी से साइबर अपराध के ओर हो रहा झुकाव है चिंता का विषय : अकाश

शासन प्रशासन जनप्रतिनिधियों व अभिवावकों को ध्यान देने की है जरूररत

बरही लाइव : बरही/बरकट्ठा

भारत जैसे विकाशील देश मे भी अब डिजिटल युग का उदय हो चुका है। यहां के भी सभी आयु के लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। सस्ते इंटरनेट पैक मिल रहे है जिससे युवाओं में नेट चलाने का क्रेज बना हुआ है। युक्त बाते बरकट्ठा निवासी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आकाश गुप्ता ने बताया। उन्होंने बताया कि इंटरनेट के जितने लाभ उतने नुकसान भी है। 2018 मैं आई साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी रिपोर्ट परेशान करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब उन देशों के सूची में शामिल हो गया है जहां सबसे अधिक साइबर अपराध हो रहे हैं। मुझे लगता है साइबर अपराध मैं भारत के सभी राज्यों के अलावा हमारा झारखंड आगे चल रहा है। दिन प्रतिदिन नई नई अपराध सामने आ रही है। मजे की बात यह है कि एक वेब सीरीज भी आ चुकी है। जो झारखंड के जामताड़ा साइबर अपराध पर बनी है। लेकिन चिंता की बात है कि हमारा समाज दूषित हो रहा है। समाज के बड़े बुजुर्ग बुद्धिजीवी वर्ग भी चुप्पी साधे बैठे हैं। तो जाहिर सी बात है साइबर अपराध धड़ल्ले से समाज के हर वर्ग का पसंदीदा बन चुका है। राज्य में शिक्षा का स्तर तेजी से गिर रहा है। क्योंकि साइबर अपराधियों के चकाचौंध देखकर बच्चों के कोमल मन को अपने ओर घिच रही है। वह अपने जीवन में मेहनत करने की वजह शॉर्टकट अपना रहे हैं। और यह हर वर्ग के लोगो मे देखा जा रहा है। क्या बच्चे क्या बूढ़े क्या जवान पूरा का पूरा गांव साइबर अपराध में लिप्त हो चुका है। अगर इसमें रोक नहीं लगा तो आने वाले समय में हम सबके वंशज भी इसी रास्ते पर ना भटक जाए लोगों को समझना चाहिए। इसमें समाज के बुद्धिजीवी वर्ग जिम्मेवार तो है ही साथ में सरकारी तंत्र को भी सांप सुंग गया है। इस मामले को गंभीरता से ना लेकर हल्के में ले रहे हैं। कहीं ना कहीं कमीशन भी फिक्स होगा ही ऊपर से लेकर नीचे तक इसलिए तो सब खामोश है। और तो और जिस घर का लड़का इस अपराध को अंजाम दे रहा होता है। उसके अभिभावक भी चुप है क्योंकि मोटा मोटा पैसे आ रहे हैं। साथ में समाज के जनप्रतिनिधिगण भी चुप है। क्योंकि भैया पैसे की जुबान नहीं होती और हां फिर लोग कुछ दिन के बाद यह ना कहे कि हमारे यहां चोर डकैत क्रिमनल निकलते है। आईएस आईपीएस डॉक्टर नहीं क्योंकि आप लोगों ने अपने हाथों शिक्षा गला घोट दिया है।

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